चलो आज आखरी यह इंतज़ाम कर ले
पहचान आपनी आपनी दूजे के नाम कर ले........
ऐसा क्यो होता है कि जिससे आप बहुत पयार करते हैं उनसे आप बहुत दूर चले जाते है सिर्फ एक पल मैं.कहता हूँ जरा थम थम के रफ्ता रफ्ता चल ज़िन्दगी कि यह शमा या फिजा बदल ना जाये...प्यार ने मुझे एक पल मैं जन्नत को दिखा दिया ओर उसी प्यार के एक पल मैं मुझे रुला दिया । तेरा मिलना एक एहसास है। तेरी आवाज़ मेरे वीरानो को महका जाती है झनकती है मेरे अंदर तक और मेरी रूह को छू जाती है । अब तेरे लिए मेरा दीवानापन इससे ज़्यादा और क्या होगा । जब भी ढलका है शाम का आँचल कही मुझे क्यूं लगता है की तू कही इंतज़ार मेरा करती होगी ।बीत ना जाए यह ज़िंदगी की शाम भी कही, ख़ामोशी से मेरी गीतो में अपनी सांसो की रवानी भर दे । आ मेरी आँखो में एक ख्वाब फिर से सज़ा दे....
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